केंद्रीय मंत्री की भतीजी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने अस्पताल पर उठाए सवाल

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इलाहाबादः इलाहाबाद में प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान हेल्थ मिनिस्टर अनुप्रिया पटेल की भतीजी की मौत हो गई। मौत के बाद पटेल के परिवारवालों का आरोप है कि इलाहाबाद के हर्ष अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची का समय पर इलाज नहीं किया जिसके कारण उसकी मौत हो गई। मंत्री के परिवार ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अस्पताल के खिलाफ हेल्थ डिपार्टमेंट और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।

जानिए पूरा मामला
दरअसल मंत्री अनुप्रिया के पति आशीष पटेल की सगी भांजी गरिमा सिंह(21) बाथरूम में गिरकर अचानक बेहोश हो गई। कानपुर की रहने वाली गरिमा झांसी के एक कालेज में बीटेक सेकेंड इयर की छात्रा थी और परिवार की एक शादी में शामिल होने के लिए पिछले हफ्ते ही अपनी मौसी के घर इलाहाबाद आई थी। शाम को बेहोश होने के बाद परिवार के लोग उसे शहर के नामचीन प्राइवेट अस्पताल हर्ष में ले गए।

मंत्री के पति ने हर्ष अस्पताल पर इलाज ना करने के लगाए आरोप
मंत्री अनुप्रिया के पति और परिवार के दूसरे लोगों का आरोप है है कि इस अस्पाताल के डॉक्टर्स ने तकरीबन 10 मिनट तक कार में ही इंतजार कराया और बाद में मंत्री के परिवार का मामला जानने के बाद इलाज से इंकार करते हुए उसे किसी दूसरी जगह ले जाने को कहा। आरोप है कि परिवार वाले शुरुआती इलाज के बाद रेफर करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल के डाक्टरों ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और लापरवाही भरे अंदाज में फिर से वापस ले जाने को कहा।

सही इलाज ना मिलने पर SGPGI में भर्ती, 2 दिन बाद मौत
परेशान परिवार वाले फ़ौरन गरिमा को लेकर मेडिकल कालेज द्वारा संचालित स्वरूपरानी नेहरू हॉस्पिटल के लिए रवाना हुए। रास्ते में गरिमा की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। स्वरूपरानी अस्पताल ने रात भर गरिमा का इलाज तो किया, लेकिन वहां के इंतजाम देखकर परिवार वाले सुबह उसे लखनऊ के एसजीपीजीआई ले गए। एसजीपीजीआई में 2 दिन इलाज के बाद गरिमा की मौत हो गई।

मौत के बाद परिजनों ने हर्ष अस्पताल को ठहराया दोषी
मौत के बाद मंत्री के पति व परिवार के दूसरे लोगों का साफ़ आरोप है कि अगर हर्ष अस्पताल ने शुरुआती इलाज कर दिया होता तो गरिमा की जान बचाई जा सकती थी। परिवार वाले अब इस मामले में इंसाफ की मांग कर रहे हैं और इस मामले में लिखित शिकायत की बात कर रहे हैं।

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