बाबा रामदेव की कंपनी के इस मामले की अब 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई

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बाबा रामदेव की कंपनी के इस मामले की अब 5 अक्टूबर को होगी सुनवाईबाबा रामदेव की कंपनी के इस मामले की अब 5 अक्टूबर को होगी सुनवाईबाबा रामदेव की कंपनी के इस मामले की अब 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई

इलाहाबाद/नोएडाः योग गुरु बाबा रामदेव पर नोएडा में 6 हजार हरे पेड़ कटवाने का गंभीर आरोप लगा है। जिसके खिलाफ याचिका पर जिलाधिकारी ने हलफनामा दाखिल किया। मंगलवार को कोर्ट ने याची औसाफ व अन्य को जिलाधिकारी के हलफनामे का जवाब दाखिल करने का समय देते हुए सुनवाई हेतु 5 अक्टूबर को पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति तरूण अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति अशोक कुमार की खण्डपीठ ने दिया है।

दरअसल बाबा पर आरोप है कि उनकी संस्था पतंजलि योग संस्थान ने नोएडा के कादलपुर व शिलका गांव में पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क बनाने के लिए लीज पर मिली सरकारी जमीन पर लगे 6 हजार पेड़ कटवा दिए हैं। यही जमीन याची को 30 साल के लिए पेड़ लगाने के लिए पट्टे पर दी गई थी। जिसका विवाद सिविल कोर्ट में चल रहा है।

बता दें कोर्ट ने नोएडा अथाॅरिटी, यमुना एक्सप्रेस वे अथाॅरिटी जिलाधिकारी से जानकारी मांगी है। गौतमबुद्ध नगर के औसाफ की याचिका की सुनवाई जस्टिस तरूण अग्रवाल और जस्टिस अशोक कुमार की खंडपीठ कर रही है। याची का कहना है कि उसे 200 बीघा जमीन पेड़ लगाने के लिए पट्टे पर दी गई थी।

याची वकील ने बताया कि कादलपुर और शिलका गांव की 4,500 एकड़ जमीन यमुना एक्सप्रेस वे अथाॅरिटी ने बाबा रामदेव की संस्था को फुड पार्क आदि बनाने के लिए दिया है। वन विभाग की एरिया में आने वाली जमीन जिसे वृक्षारोपण के लिए दी गई थी। उसके आंवटन पर भी सवाल उठाए गए हैं।

गौरतलब है कि यूपी की पूर्व अखिलेश यादव सरकार ने बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि योग संस्थान को गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा के कादलपुर व शिलका गांव में फ़ूड एंड हर्बल पार्क के लिए तकरीबन साढ़े चार हजार एकड़ जमीन पट्टे पर दी थी। यह ज़मीन यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के तहत आती है। 


 



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