आचार्य कुशमुनि ने बनाया ओंकार अखाड़ा, विवाहित साधू संत ही होंगे शामिल

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इलाहाबाद(सैय्यद रज़ा): अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की तरफ से निकाली गई फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल आचार्य कुशमुनि ने ओंकार अखाड़े के गठन की घोषणा की है। जिससे सन्त समाज में हड़कंप मच गया है।

बता दें कि आचार्य कुशमुनि ने प्रचलित मान्यताओं के विपरीत सिद्धेश्वरी पीठ में बैठक के बाद केवल विवाहित संतों के लिए ओंकार अखाड़े के गठन की घोषणा की है। आचार्य कुशमुनि का कहना है कि पत्नी के साथ ही संतो को ओंकार अखाड़े की दीक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल ओंकार अखाड़े का गठन ही शास्त्र सम्मत विधि से हुआ है।

उन्होंने कहा कि पत्नी के दीक्षा में शामिल नहीं होने पर उसकी अनुमति से भी पति दीक्षा ले सकता है। इस अखाड़े का मूल मंत्र ऊं होगा और अखाड़े का ध्वज पीले रंग का होगा। ध्वज पर लाल रंग से ओंकार लिखा होगा। अखाड़े के संत पीले रंग का वस्त्र धारण करेंगे। जबकि महामंडलेश्वर और आचार्य महामण्डलेश्वर लाल रंग का वस्त्र धारण करेंगे।

परी अखाड़े और किन्नर अखाड़े को लेकर विवाद जहां अभी खत्म भी नहीं हुआ था। वहीं फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल आचार्य कुशमुनि ने ओंकार अखाड़े का गठन कर नए विवाद को जन्म दे दिया है। ओंकार अखाड़े के जरिए आचार्य ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को चुनौती देते हुए सभी तेरह अखाड़ों के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। 
 



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