यूपी: सवालों के घेरे मे सदन की सुरक्षा

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लखनऊ: एक सवाल यह उठता है कि आखिर सुरक्षा में चूक हुई कैसे? हम बताते हैं कैसे विधानसभा में अवैध एंट्री होती है। दरअसल जब विधानसभा का सत्र चलता है तो विधायकों से लेकर मंत्री, पत्रकार और कर्मियों के लिए पास बनता है। इतना ही नहीं लोगों को विधानसभा की कार्रवाई देखने के लिए भी पास जारी किए जाते हैं। 

एकल पास से ऐसे घुसते हैं सैंकड़ों लोग
दरअसल विधानसभा में एंट्री के लिए एकल पास जारी किया जाता है। यह पास व्यक्ति के लिए अलग और गाड़ी के लिए अलग होता है। मसलन एक पत्रकार को कार्रवाई की कवरेज के लिए पास मिलता है, साथ ही उसकी गाड़ी का भी पास बनता है। खेल इसी गाड़ी के पास से होता है। इस गाड़ी में 5 लोग बैठकर बिना पास के आराम से अंदर जा सकते हैं। आमतौर पर देखा गया है कि ये गाडिय़ां दिन में कई बार अंदर-बाहर करती हैं और उनके साथ रोजाना सैंकड़ों लोग अंदर प्रवेश कर सकते हैं। 

संसद भवन में भी चला तलाशी अभियान
उत्तर प्रदेश विधानसभा में विस्फोटक मिलने की घटना के बाद अब दिल्ली में संसद भवन के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में भी सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। यह जांच एक स्पैशल टीम कर रही है। संसद भवन की जांच में कुल 60 सुरक्षा कर्मी लगे हैं। संसद भवन की जांच में 7 खोजी कुत्तों को भी लगाया गया है। 

पैटन ब्लास्ट से पैदा होता है 4230 डिग्री सैल्सियस टैम्परेचर
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को संदिग्ध सफेद पाऊडर पाया गया। जांच में पता चला है कि यह खतरनाक एक्सप्लोसिव पैटन है। यह एक ऐसा एक्सप्लोसिव है जिसमें खुद ब्लास्ट नहीं हो सकता। इसे ब्लास्ट करने के लिए पहले किसी डैटोनेटर में ब्लास्ट करना होता है। पैटन के ब्लास्ट से 4230 डिग्री सैल्सियस टैम्परेचर पैदा होता है। 

विधानभवन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार
लखनऊ स्थित विधान भवन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक फरहान अहमद (20) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र में कवलाछापर गांव का रहने वाला है।पुलिस ने बताया कि फरहान को मोबाइल व फर्जी पते पर लिए गए सिम के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए युवक से स्थानीय पुलिस के अलावा दिल्ली से आए खुफिया विभाग के लोग भी पूछताछ कर रहे हैं।  उन्होंने बताया कि गत 6 जुलाई को फरहान ने अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन अभय प्रसाद को मोबाइल फोन से 15 अगस्त को विधान सभा को उड़ाने की धमकी दी थी।  

भारत में कब इस्तेमाल हुआ 
7 सितम्बर, 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट में हुए ब्लास्ट में पैटन का इस्तेमाल किया गया था। इस ब्लास्ट में 17 लोग मारे गए थे और 76 घायल हुए थे।  ब्लास्ट में पैटन की काफी कम मात्रा इस्तेमाल की गई थी लेकिन उसने काफी बड़ा नुक्सान किया।बरामद मात्रा को लेकर विरोधाभासी बयान राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि 60 ग्राम पी.ई.टी.एन. मिला है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को सूचित किया कि विस्फोटक की मात्रा 150 ग्राम है। कुमार के अनुसार यह विस्फोटक शक्तिशाली होता है लेकिन डैटोनेटर के बिना इसका विस्फोट नहीं किया जा सकता और डैटोनेटर नहीं मिला है।  

विपक्ष के नेता की सीट के पास मिला था पाऊडर
यह मामला 12 जुलाई का है। क्लीनिंग स्टाफ  को यू.पी. विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी की सीट के पास कागज की पुडिय़ा में एक्सप्लोसिव मिला। इसके बाद सी.एम. ने गुरुवार शाम 4 बजे डी.जी.पी., प्रिंसीपल सैक्रेटरी, असैंबली सैक्रेटरी, ए.डी.जी. लॉ एंड ऑर्डर सहित कई सीनियर अफसरों की एमरजैंसी मीटिंग बुलाई।



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