नोटबंदी के बीच अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय

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नोटबंदी के बीच अनोखी शादी बनी चर्चा का विषयनोटबंदी के बीच अनोखी शादी बनी चर्चा का विषयनोटबंदी के बीच अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय

बुलंदशहर(इकबाल सैफी): यूपी के बुलन्दशहर में नोटों की किल्लत से परेशान एक दलित परिवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात ऐसी मानी कि बेटे की शादी में न बाजा बजा और न ही बरातियों को खाने को दावत मिली। बरात में आये बरातियों को सिर्फ चाय पिलायी गयी। चाय पीकर बराती भी खुश नजर आये। सिर्फ चाय पिलाकर की गई यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। 

बुलन्दशहर के गांव जलीलपुर में रहने वाले दिनेश की शादी जेपीनगर के गांव गुरैठा की बीना से तय हुई थी। नोटबंदी के बीच इस परिवार ने पैसे के लिए 4 दिन बैंक की लाइन में बिताए। इसके बावजूद भी इन्हें शादी के लिए बैंक से ढाई लाख रुपये नहीं मिल सके। फिर क्या था दिनेश के परिजनों ने प्रधानमंत्री के मन की बात मान ली और शादी को बेहद सादे अंदाज में मनाने का फैसला किया। 4 दिसम्बर को वधु पक्ष ने वर पक्ष को जेपी नगर अपने गांव में बुला लिया। गांव के स्कूल में बरातियों को ठहराकर सभी को दावत की जगह सिर्फ चाय पिलाई गई। यही नहीं नोटों की गले में माला डाले दूल्हे का विवाह मन्दिर में संपन्न कराया गया। ऐसा नहीं है कि सिर्फ दावत में चाय मिलने से बराती नाराज हो गये। उन्होंने भी वर और वधु पक्ष का साथ दिया और चाय से ही बेहद खुश नजर आए। नोटों की किल्लत के चलते बारात में बाजा नहीं बजा सका तो महिलाओं ने ढोलक की थाप पर ही जमकर नाच-गाना किया।

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