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आतंकी आरिज उर्फ जुनैद को भारत-नेपाल बार्डर से किया गिरफ्तार, बटला हाउस एनकाउंटर में था शामिल

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आतंकी आरिज उर्फ जुनैद को भारत-नेपाल बार्डर से किया गिरफ्तार, बटला हाउस एनकाउंटर में था शामिलआतंकी आरिज उर्फ जुनैद को भारत-नेपाल बार्डर से किया गिरफ्तार, बटला हाउस एनकाउंटर में था शामिलआतंकी आरिज उर्फ जुनैद को भारत-नेपाल बार्डर से किया गिरफ्तार, बटला हाउस एनकाउंटर में था शामिल

दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले मोस्टवॉन्टेड आतंकी जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। आतंकी जुनैद काफी समय से वांछित चल रहा था। साथ ही पुलिस ने उसके सिर पर 15 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। सबसे बड़ी बात यह है कि मोस्टवांटेड आतंकी बटला हाउस एनकाउंटर में शामिल था। 

जानकारी के मुताबिक आतंकी का नाम जुनैद के अलावा आरिज़ भी है। आरोपी आतंकी के तार इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े हुए हैं। आरोपी आतंकी बटला हाउस एनकाउंटर में शामिल था, उसी दौरान ये फरार होने में कामयाब हो गया था। वहीं बुधवार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इंडियन मुजाहिद्दीन के संदिग्ध आतंकी जुनैद उर्फ आरिज को भारत- नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया है।
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बताया जा रहा है कि दिल्ली में 2008 में हुए बम धमाकों में भी उसकी बड़ी भूमिका थी। आरोपी बटला हाउस एनकाउंटर के बाद से ही फरार चल रहा था। पकड़ा गया आतंकी जुनैद दिल्ली, अहमदाबाद, यूपी और जयपुर में हुए धमाकों में शामिल रहा है। यही वजह है कि उसके सिर पर NIA की तरफ से 10 लाख का इनाम था और इसी तरह दिल्ली पुलिस ने उसके सिर पर 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। फिलहाल एनआईए की टीम और अन्य जांच एजेंसियां लगातार उससे पूछताछ कर रही हैं। 

क्या है बटला हाउस एनकाउंटर?
बाटला हाउस एनकाउंटर जिसे आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन बाटला हाउस के रूप में जाना जाता है। 19 सितंबर, 2008 को दिल्ली के जामिया नगर इलाके में इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ की गई मुठभेड़ थी। जिसमें 2 संदिग्ध आतंकवादी आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए। 2 अन्य संदिग्ध सैफ मोहम्मद और आरिज़ खान भागने में कामयाब हो गए, जबकि 1 और आरोपी ज़ीशान को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मुठभेड़ का नेतृत्व कर रहे एनकाउंटर विशेषज्ञ और दिल्ली पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा इस घटना में मारे गए। मुठभेड़ के दौरान स्थानीय लोगों की गिरफ्तारी हुई, जिसके खिलाफ अनेक राजनीतिक दलों, कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसे कई राजनीतिक संगठनों ने भी संसद में मुठभेड़ की न्यायिक जांच करने की मांग उठाई।


 



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