EVM पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा, मायावती के समर्थन में आई सपा-कांग्रेस

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नई दिल्ली: राज्यसभा में एक बार फिर ईवीएम मशीन को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। हंगामे का जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि बिहार और दिल्ली जीते तब ईवीएम अच्छी थी, अब बुरी हो गई‌। विपक्ष को अपनी हार स्वीकार्य करनी चाहिए। 

बसपा नेता मायावती ने ईवीएम से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाते हुए इसपर चर्चा की मांग कर रही थीं। हंगामे के दौरान उन्होंने ने बीजेपी पर बेईमान होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने मध्य प्रदेश के बाई-इलेक्शन में ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। मायावती की मांग का कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भी सपोर्ट किया। समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि ईवीएम की चिप की प्रोग्रामिंग बदली जा सकती है। इस पर डिप्टी स्पीकर ने कहा-इलेक्शन कमीशन इस पर सफाई दे चुका है।

इसके बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में ईवीएम की जगह मतपत्र का इस्तेमाल होना चाहिए। ईवीएम के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा समेत अन्य विपक्षी दल के नेता स्पीकर के आसन के पास आ गए और नारेबाजी करने लगे। उन्होंने 'ईवीएम की सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी' के नारे लगाने शुरू कर दिए। 

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 22 मार्च को ईवीएम पर 4 घंटे तक चर्चा हुई। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि चुनाव आयोग ने जांच में पाया कि इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। विपक्षी दलों को चुनाव आयोग में अपील करनी चाहिए। विपक्ष को जनादेश का सम्मान करना चाहिए, उनकी जीत जीत और हमारी जीत पर ईवीएम। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर आरोप लगाकर विपक्ष जनता का अपमान कर रही है। जोरदार हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही साढ़े 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। 

गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सबसे पहले ईवीएम छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया था। मोइली ने ये भी कहा था, यह देश के संघीय ढांचे पर सबसे बड़ा प्रहार है और राज्यसभा के सभी सदस्यों को इसके खिलाफ इस्तीफा दे देना चाहिए। 

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