मिर्जापुर के नक्सल प्रभावित गांवों में पुलिस तैयार कर रही गुलाबी गैंग

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मिर्जापुर के नक्सल प्रभावित गांवों में पुलिस तैयार कर रही गुलाबी गैंगमिर्जापुर के नक्सल प्रभावित गांवों में पुलिस तैयार कर रही गुलाबी गैंगमिर्जापुर के नक्सल प्रभावित गांवों में पुलिस तैयार कर रही गुलाबी गैंग

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित मिर्जापुर में पुलिस ने सामाजिक बुराइयों के विरूद्ध जागरूकता पैदा करने के लिये बुुंदेलखंड की तर्ज पर गुलाबी गैंग तैयार करने की अनूठी पहल की है।

पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने आज यहां बताया कि नक्सल प्रभावित गांवों में एक अनूठी पहल शुरू की है। बुन्देलखण्ड के महिलाओं की चर्चित गुलाबी गैंग के तर्ज पर मिर्जापुर में भी गुलाबी गैंग तैयार किया जा रहा है। गुलाबी गैंग की महिलाएं नक्सल गतिविधियों को नियंत्रित करेगी साथ ही साथ सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में समाज में फैले अंध विश्वास और बुराइयों के विरूद्ध जागरूकता अभियान चलाएगी। मिर्जापुर में 107 गांव नक्सल प्रभावित है। पुलिस इन्हीं गांवों में गुलाबी टीम तैयार कर रही है। 

उन्होंने बताया कि गुलाबी गैंग को साड़ी समेत सारे साजोसामान स्थानीय पुलिस मुहैया करा रही है। गुलाबी गैंग की महिलाएं अपने गांव में जुआ, शराब और महिला अपराध जैसी सामाजिक बुराई व अपराध पर नियंत्रण के लिए सीधे सीधे पुलिस से जुड़ी रहेगी। इसके लिए धरना प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं होगी। गैंग से गांवों में बदलाव दिखाई देने लगेगा। इसके लिए गुलाबी गैंग में शामिल महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। फिलहाल हर गैंग में कम से कम दस महिला शामिल रहेगी। 

तिवारी ने बताया कि गुलाबी गैंग की महिलाएं सीधे तौर पर पुलिस से जुड़ी रहेगी। इसके लिए उन्हें पुलिस के फोन नंबर और व्हाट््सएप से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि गावों में सबसे ज्यादा अपराध महिला व बच्चों के साथ होता है। इसके मद्देनजर सुरक्षा रहेगी। 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गुलाबी गैंग पुलिस के लिए सूचना वाहक का काम भी करेगी । सरकार इस इलाके में काम करने के लिए धन मुहैया करा रही है। गैंग को स्वत: रोजगार से जोडऩे की योजना भी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में नक्सल गतिविधि न के बराबर है फिर भी उसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है। इस क्षेत्र में भी गुलाबी गैंग पुलिस की सहयोगी की भूमिका में रहेगी। बुन्देलखण्ड में सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस गैंग की चर्चा पूरे प्रदेश में है। अब देखना है कि मिर्जापुर की गुलाबी गैंग को कितनी सफलता मिलती है। गांव की महिलाओं में गुलाबी गैंग के प्रति उत्साह दिख रहा है। हालांकि उन्हें इस विषय की विशेष जानकारी नहीं है। पर नये दायित्व को निभाने के लिए तैयार दिख रही है। 



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