नोटबंदी से सबसे ज्यादा पीड़ा मुलायम को, इसलिए नहीं मना रहे हैं जन्मदिन: मायावती

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नोटबंदी से सबसे ज्यादा पीड़ा मुलायम को, इसलिए नहीं मना रहे हैं जन्मदिन: मायावतीनोटबंदी से सबसे ज्यादा पीड़ा मुलायम को, इसलिए नहीं मना रहे हैं जन्मदिन: मायावतीनोटबंदी से सबसे ज्यादा पीड़ा मुलायम को, इसलिए नहीं मना रहे हैं जन्मदिन: मायावती

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पर निशाना साधते हुये कहा कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा पीड़ा मुलायम सिंह  को हो रही है इसलिए वह अपना जन्म दिन नहीं मना रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर मुलायम सिंह को मुजफ्फरनगर दंगे का दर्द था तो क्यों मनाया सैफई में जश्न? 

मायावती ने यहां जारी बयान में कहा, ‘मुलायम ने मुजफ्फरनगर में हुये भीषण दंगों के बाद भी अपना जन्मदिन भव्य तरीके से मनाया था। दंगों में 30 से ज्यादा लोग मारे गये थे और 50 हजार से ज्यादा बेघर हो गये थे। विधानसभा चुनाव सर पर देख सपा मुखिया ने पुखरायां में हुये रेल हादसे का हवाला देते हुये जन्मदिन नहीं मनाने का एलान किया जबकि इसकी असली वजह नोटबंदी के कारण पैसे की किल्लत है।’

उन्होंने कहा कि जनता अच्छी तरह जानती है कि सपा मुखिया के जन्मदिन न मनाने की असली वजह क्या है। उनकी इस नाटकबाजी के फेर में लोग नहीं आने वाले हैं। बसपा अध्यक्ष ने मुस्लिमों से अपील की कि वे सपा के झांसे में कतई नही आयें। उन्हे सपा के मकसद और असली चेहरे के बारे में पता होना चाहिये। 

गाजीपुर में सपा की रैली को फ्लाप करार देते हुये उन्होंने कहा कि रैली के दौरान दो गुटों में टकराव दर्शाने के लिये काफी थी कि पार्टी में दो फाड़ हो चुके हैं और अब इसकी भरपाई नामुमकिन है। बसपा सुप्रीमो ने बैंक की कतार में लगे लोगों और ग्रामीणों पर पुलिस लाठीचार्ज की भत्र्सना करते हुये कहा कि सपा सरकार अपरोक्ष रूप से नरेन्द्र मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले का समर्थन कर रही है।  

प्रणव मुखर्जी को लिखी चिट्ठी 
मायावती ने नोटबंदी के कारण लोगों को हो रही परेशानी के समाधान के लिये राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निर्देश देने का आज आग्रह किया। मायावती ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘500 और 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगाये जाने के बाद लोगों को हो रही परेशानी के समाधान के लिये मैं मुखर्जी से प्रधानमंत्री से बातचीत कर उन्हें समुचित उपाय करने के निर्देश देने की अपील करती हूं।’ मायावती ने कहा, ‘नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंक और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फैसले को लागू किये जाने के मद्देनजर सरकार की ओर से पर्याप्त तैयारी नहीं की गई थी।’ उन्होंने कहा, ‘हम कालेधन के पक्ष में नहीं हैं, हम इस समस्या से लडऩे के सरकार के फैसले के साथ हैं लेकिन इससे निपटने के सही तरीके अपनाये जाने चाहिये।’

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