यूपी: विधानसभा भवन परिसर में फिर मिला रसायनिक पदार्थ, सुरक्षाकर्मियों के फूले हाथ-पांव

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यूपी: विधानसभा भवन परिसर में फिर मिला रसायनिक पदार्थ, सुरक्षाकर्मियों के फूले हाथ-पांवयूपी: विधानसभा भवन परिसर में फिर मिला रसायनिक पदार्थ, सुरक्षाकर्मियों के फूले हाथ-पांवयूपी: विधानसभा भवन परिसर में फिर मिला रसायनिक पदार्थ, सुरक्षाकर्मियों के फूले हाथ-पांव

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मिले विस्फोटक की जांच चल रही है कि विधानसभा भवन के परिसर में एक और रसायन पदार्थ के मिलने से सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गये। आनन-फानन में मौके पर पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गये।

राज्य पुलिस के आतंकवादी निरोधक दस्ते (एटीएस) महानिरीक्षक असीम अरुण ने बताया कि कल रात विधान भवन का विस्तृत चेकिंग किया जा रहा था। चेकिंग के दौरान पान मसाले के पैकेट आदि मिले थे। उस पैकेट को जिसमें मैग्नीशियम सल्फेट मिला है उसको कब्जे में लिया गया है। 

अरुण के मुताबिक मैग्नीशियम सल्फेट पैकिंग मटेरियल में ‘ड्राइंग एजेन्ट’ के रुप में प्रयोग किया जाता है। एटीएस ने इसे कब्जे में ले लिया है। आवश्यकता होगी तो इसका वैज्ञानिक परीक्षण कराया जायेगा। उधर, सदन में मिले विस्फोटक की जांच चल रही है। एटीएस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वरिष्ठ अधिकारियों ने विधान भवन का दौरा कर चप्पे चप्पे की निगरानी की। शनिवार होने के कारण आज छुट्टी है फिर भी आने जाने वालों की गहन चेकिंग के बाद ही विधान भवन में प्रवेश दिया जा रहा है। भवन के सभी प्रवेश द्वारों पर पीएसी तैनात है। 

अरुण के अनुसार जांच में कोई कोताही नहीं होगी। उन्होंने कुछ लोगों से पूछताछ करने के संकेत दिये हैं। उनका कहना था कि आवश्यकता पडी तो विधायकों से भी पूछताछ की जायेगी। विस्फोटक मिलने वाले स्थान पर केवल विधायक, सदन के सुरक्षाकर्मी और सफाईकर्मी ही जा सकते हैं। उनका कहना था कि जांच में सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जा रही है। 

गौरतलब है कि सदन के अन्दर समाजवादी पार्टी (सपा) सदस्यों के बैठने वाले स्थान की एक सीट की कुशन के नीचे गत 12 जुलाई को सदन की कार्यवाही शुरु होने से पहले नियमित जांच के दौरान सफेद पाउडर पाया गया था। फारेंसिक लैब में जांच के बाद वह खतरनाक विस्फोटक पेन्टाइरीथ्रिटाल नाइट्रेट (पीईटीएन) निकला। कल इसकी जानकारी होते ही शासन-प्रशासन सकते में आ गया।

सदन में अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता विपक्ष राम गोङ्क्षबद चौधरी ने इसे चिन्तनीय बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता बतायी। इस मामले की जांच राज्य की एटीएस के साथ ही एनआईए को सौंप दी गयी है। जांच के साथ साथ सुरक्षा के कई और कारगर कदम उठाये गये हैं। 



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