एक्सप्रेस-वे बना रणक्षेत्र, लड़ाकू विमानों ने दिखाया कौशल और जौहर

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एक्सप्रेस-वे बना रणक्षेत्र, लड़ाकू विमानों ने दिखाया कौशल और जौहरएक्सप्रेस-वे बना रणक्षेत्र, लड़ाकू विमानों ने दिखाया कौशल और जौहरएक्सप्रेस-वे बना रणक्षेत्र, लड़ाकू विमानों ने दिखाया कौशल और जौहर

उन्नावः लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे आज कुछ देर के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। यहां वायु सेना के बेड़े की रीढ़ माने जाने वाले प्रमुख विमानों और विशालकाय हरक्यूलिस विमान ने अपने जौहर तथा हैरतअंगेज कौशल का नमूना पेश किया। हरक्यूलिस ने देशवासियों को आश्वासित करते हुए बताया कि वे युद्ध तथा शांति के समय में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

पेश किया वायु सेना की तैयारियों का नमूना 
वहीं वायुसेना के जगुआर, मिराज और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों तथा विशाल मालवाहक विमान सी-130 ने एक्सप्रेस-वे पर जलवा बिखेरा। 3 किलोमीटर हिस्से का हवाई पट्टी के तौर पर इस्तेमाल करते हुए विमानों ने वायु सेना की तैयारियों का नमूना पेश किया।

सबसे पहले हरक्यूलिस ने भरी उड़ान
बता दें प्रदेश सरकार और वायु सेना के इस संयुक्त अभियान के तहत 15 लड़ाकू विमानों तथा एक हरक्यूलिस विमान ने अपने करतब दिखाए, जिससे एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा जमीन से लेकर आसमान तक थर्रा उठा। एक्सप्रेस-वे के 3़ 3 किमी़ लम्बे तथा 33 मीटर चौड़े हिस्से को खासतौर पर तैयार किया गया था।

जानिए किन-किन विमानों ने लिया भाग
विशाल हरक्यूलिस विमान सी-130 ने अभियान की शुरूआत करते हुए वायु सेना के जांबाज दस्ते गरूड़ के कमांडो तथा उनके वाहनों को एक्सप्रेस-वे पर उतारा। कमांडो ने पलक झपकते ही दुश्मन के खिलाफ एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर अपने मोर्चे संभाल लिए और स्थिति को काबू में करते हुए घेराबंदी कर ली।

15 घातक लड़ाकू विमानों ने दिखाई ताकत
जिसके बाद वायु सेना के 15 घातक लड़ाकू विमानों ने एक्सप्रेस वे पर आपात स्थिति में उतरने तथा उड़ान भरने के असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया। सबसे पहले 6 मिराज लड़ाकू विमानों ने बाज जैसी फुर्ती के साथ लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेस-वे को छुआ और पलक झपकते ही उड़ान भर हैरतअंगेज कारनामा किया। जिसके बाद 3-3 के समूह में 6 सुखोई विमानों और 3 जगुआर विमानों ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाले करतब का अछ्वुत नजारा पेश किया।

एयर मार्शल ए़ एस़ बुटौला ने संभाली कमान
विमानों ने हवा में मार करने वाले अंदाज में आक्रामक रूख अपनाते हुए जमीन से लेकर आसमान तक भयंकर गर्जन किया। वायु सेना के हरक्यूलिस विमान ने एयरबेस गाजियाबाद, मिराज ने ग्वालियर, जगुआर ने गोरखपुर और सुखोई ने बरेली एयरबेस से उड़ान भरी। अभियान में हिस्सा लेने वाले गरुड़ कमांडो वायुसेना के आगरा एयरबेस से आए थे। यह समूचा अभियान वायुसेना की मध्य कमान की देखरेख में हुआ और इसका नेतृत्व एयर मार्शल ए़ एस़ बुटौला ने किया।

2 दिन आवागमन रहा प्रभावित
बता दें इस ऑपरेशनल एक्सरसाइज में ग्वालियर, गोरखपुर, बरेली, और हिंडन एयरबेस से 17 विमान उड़ान भरकर एक्सप्रेस वे पहुंचे। लिहाजा एक्सप्रेस वे पर सोमवार सवेरे से ही इस रूट पर वाहनों का आवागमन बंद था। मंगलवार दोपहर 2 बजे के बाद ही एक्स्प्रेसवे आम लोगों के लिए खुलेगा।

युद्ध के समय का कराया अहसास
गौरतलब है कि आगरा एक्सप्रेसवे पर 3.3 किलोमीटर लम्बी एयरस्ट्रिप का निर्माण कराया गया है। इमरजेंसी की स्थिति में यहां पर फाइटर प्लेन लैंड और टेकऑफ कर सकते हैं। आज का ये अभ्यास इसी वजह से है कि युद्ध के दौरान दुश्मन सबसे पहले एयरफोर्स स्टेशन को ही टारगेट करते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सरकार नए बनने वाले एक्सप्रेस वे पर एयरस्ट्रिप का निर्माण करवा रही है।

एेसा है लोगों का रियक्शन
वहीं एयरफोर्स की इस एक्सरसाइज की वजह से आस-पास के गांव के लोगों में बहुत उत्साह है। गांव वाले एक्सप्रेस-वे पर बनी एयर स्ट्र‍िप को देखने आ रहे हैं। एक ग्रामीण रमेश कहते हैं कि हवाई पट्टी को देख कर बहुत अच्छा लग रहा है। हवाई जहाज को पास से देखकर बहुत अच्छा लगता है। एक महिला कमला कहना है, "हमें बहुत अच्छा लगता है जब हवाई जहाज यहां उड़ते हैं। हमने पिछली बार भी यहां जहाज देखे थे।"

100 टैंकर से हुई थी धुलाई
वहीं इससे पहले सोमवार को टचडाउन 100 टैंकर पानी से आगरा एक्सप्रेस-वे की धुलाई की गई। छोटे-छोटे सुराख तक को सीमेंट के घोल से भर दिया गया है। रन-वे के दोनों तरफ 100 फीट की फेसिंग लगाई गई है, ताकि कोई अंदर नहीं आ सके। बैठने के लिए सोफे, कुर्सियां लगाई गई हैं। एयरफोर्स के अफसरों ने ड्रोन कैमरे के जरिए पूरे इलाके की निगरानी भी की।




 



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