वोटरों को लुभाने के लिए BJP की नई रणनीति, कामयाब हुई तो फेल हो जाएगा माया-मुलायम का गणित!

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वोटरों को लुभाने के लिए BJP की नई रणनीति, कामयाब हुई तो फेल हो जाएगा माया-मुलायम का गणित!वोटरों को लुभाने के लिए BJP की नई रणनीति, कामयाब हुई तो फेल हो जाएगा माया-मुलायम का गणित!वोटरों को लुभाने के लिए BJP की नई रणनीति, कामयाब हुई तो फेल हो जाएगा माया-मुलायम का गणित!

लखनऊ: आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा ने वोटरों को लुभाने के लिए नई तरकीब निकाली है। बीजेपी ने प्रदेश के 20 जिलों में ‘कमल मेले’ का आयोजन करने का फैसला लिया है। बीजेपी कमल मेला 16 दिसंबर से 16 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। इस मेले के माध्यम से बीजेपी अपने इतिहास और मोदी सरकार के कामकाज का प्रचार प्रसार करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर बीजेपी की रणनीति कामयाब हो जाती है तो विपक्ष को भारी नुक्सान का सामना करना पड़ेगा। 

इन जिलों लगाए जाएंगे मेले
हाथरस, पीलीभीत, बिजनौर, रामपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, कौशाम्बी, मिर्जापुर समेत 20 जिलों में इस मेले का आयोजन किया जाएगा।

बांदा से होगा कमल मेले का शुभारंभ- पाठक
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने बताया कि उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसका शुभारंभ बांदा से किया था। अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसको किया जाएगा। इसके तहत सीधे जनता से जुड़कर उन्हें पार्टी और मोदी के विकास कार्यों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कमल मेले में नुक्कड़ नाटक, कठपुतली नृत्य, लेजर शो जैसे मनोरंजन के साधन भी रहेंगे। 

नोटबंदी के फायदे भी बताएगी बीजेपी 
बता दें कि बीते 8 नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा नोटबंदी का ऐलान किया गया था। जिसके बाद से ही यूपी सहित देश के कई हिस्सों में कैश की किल्लत के चलते लोगों में केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ नाराजगी देखने को मिल रही है। ऐसे में यहां बीजेपी की कोशिश मेला देखने आए लोगों को नोटबंदी से कालेधन पर प्रहार और इस कदम से भविष्य में होने वाले फायदे बताना होगा। 

माया-मुलायम सिंह का गणित होगा फेल!
नोटबंदी के खिलाफ बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह दोनों हैं। दोनों नेताओं ने नोटबंदी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। राज्यसभा में भी दोनों दलों ने इसे जोरशोर से उठाया है। इन नेताओं ने नोटबंदी को जनता के खिलाफ लिया गया फैसला बताया है। इन नेताओं की भी रणनीति है कि आगामी चुनाव में नोटबंदी से हो रहे नुक्सान को जनता के बीच ले जाया जाए। वहीं दूसरी तरफ ‘कमल मेले’ के माध्यम से बीजेपी नोटबंदी के फायदे को जनता को सीधे बताएगी। साथ ही मेले में प्रधानमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं सहित अन्य कई फायदों के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी की रणनीति कामयाब हुई तो एक बार फिर माया-मुलायम का गणित फेल हो सकता है। हालांकि इसका बीजेपी को कितना फायदा मिलेगा चुनाव बाद ही पता चलेगा। 

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