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दून में मोदी के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं भाजपाई

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दून में मोदी के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं भाजपाईदून में मोदी के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं भाजपाईदून में मोदी के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं भाजपाई

देहरादून/वेद विलास उनियाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस स्वच्छता अभियान को अपना पद संभालने के बाद महात्मा गांधी से जोड़ कर पूरे देश में चलाया था। मन की बात में भी प्रधानमंत्री ने न सिर्फ इसे साझा किया था, बल्कि खुद भी सफाई अभियान में भाग लिया था।

लाल किले की प्राचीर से भी उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए सफाई अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया था। असर बच्चों, बूढ़ों, महिलाओं, युवाओं सब पर हुआ है। नहीं हुआ तो उत्तराखंड में देहरादून के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर। इस समय देश भर में दो माह के लिए स्वच्छता सर्वे चल रहा है। 

कोई उत्तराखंड की राजधानी में आ जाए और सबसे महत्वपूर्ण सड़क मानी जाने वाली राजपुर रोड पर घूम ले, तो स्वच्छता अभियान की पोल खुल जाएगी। जबकि सरकार भाजपा की ही है। महानगर भाजपा के अध्यक्ष विनय गोयल के यूनीपोलों, आटोरिक्शा, दीवारों पर चिपके पोस्टर मोदी के अभियान को मुंह चिढ़ा रहे हैं। महापौर विनोद चमोली, उनकी धर्मपत्नी शशि चमोली, भाजपा के व्यापारी नेता उमेश अग्रवाल और सुनील उनियाल गामा भाजपा के कुछ बडे़ नाम हैं जिन्होंने अपने पोस्टरों से शहर को गंदगी से पाट दिया है।

विनोद चमोली को छोड़कर सब कुछ माह बाद होने वाले चुनाव में महापौर के दावेदार हैं। जब महापौर जो नगर निगम के मुखिया हैं, खुद ही बधाई और शुभकामना के पोस्टर चिपकवाने में जुटे हों, तो दूसरे क्या सीखेंगे। महापौर के दावेदार जब अभी गंदगी फैला रहे हैं, तो खुदा न खास्ता पार्टी ने महापौर देकर चुनाव जितवा दिया, तो शहर का क्या हाल होगा, यह कल्पना से परे है। इनकी देखादेखी भाजपा के गली-मोहल्ले के नेताओं ने भी अपने पोस्टर चस्पा कर दिए हैं।

विनय गोयल ने अपने साथ मुख्यमंत्री का फोटो लगा रखा है, तो उमेश अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खण्डूड़ी का दामन छोडकर भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू का फोटो छाप लिया है। यह सब उस समय हो रहा है, जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद यह ऐलान कर चुके हैं कि कहीं उनके फोटो वाले पोस्टर या बैनर लगे दिखाई दें, तो सबसे पहले उन्हें उतारा जाए। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद तो नगर निगम ने शायद कसम खा ली है कि कोई पोस्टर नहीं हटाएंगे। जबकि सीएम ने इसके लिए जरूरत होने पर पुलिस की मदद लेने के लिए कहा था।

अब इसका जवाब तो भाजपा के नेता ही दे सकते हैं। जब सत्तारूढ़ दल के लोग ऐसा कर रहे हैं, तो कांग्रेस सहित दूसरी पार्टी के लोगों ने भी बहती गंगा में हाथ धोने के लिए अपने पोस्टरों को लगा रखा है। फिलहाल ऐसा लग रहा है, मानो देहरादून में गंदगी फैलाओ अभियान चल रहा है।




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