फिर सुर्खियों में आया अर्थी बाबा, राष्ट्रपति चुनाव के लिए शमसान घाट पर बनाया कार्यालय

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फिर सुर्खियों में आया अर्थी बाबा, राष्ट्रपति चुनाव के लिए शमसान घाट पर बनाया कार्यालयफिर सुर्खियों में आया अर्थी बाबा, राष्ट्रपति चुनाव के लिए शमसान घाट पर बनाया कार्यालयफिर सुर्खियों में आया अर्थी बाबा, राष्ट्रपति चुनाव के लिए शमसान घाट पर बनाया कार्यालय

गोरखपुर(रुद्र प्रताप सिंह): गोरखपुर के राजघाट पर बैठा राजन यादव उफऱ् अर्थी बाबा को शमसान घाट पर बैठ कर कार्यालय बनाना और आत्माओं को जगाना कोई नहीं बात नहीं है। इसके पहले भी वो बाकी सभी चुनाव में कुछ ऐसा ही कर चुका है। हर बार करारी हार का सामना करने के बाद भी हिम्मत नहीं हारने वाले ये अर्थी बाबा एक बार फिर मैदान में है। इस बार उसने राष्ट्रपति का चुनाव लडऩे का फैसला किया है और मैदान में उतर कर अपना कार्यालय शमसान घाट पर बना लिया। यहां से वह आत्माओं का आवाहन कर रहा है, कि आत्माएं आएं और उसे ये चुनाव जिताएं। ताकि वो चुनाव जीत कर आम लोगों की मदद कर सके।

मरने के बाद सब यहीं आते हैं, इसलिए बनाया कार्यालय 
राष्ट्रपति उम्मीदवार राजन यादव की माने तो कोई व्यक्ति हो मरने के बाद वो यहीं पर आता है और उसके साथ काफी लोग आते हैं। इसलिए हमने यहां पर अपना कार्यालय बनाया है। आज की राजनीति काफी गन्दी हो गई है। एक ने एनडीए के दलित को प्रत्यासी बनाकर दलितों के वोट बैंक को लाने की कवायत की है, क्योंकि इसका जवाब किसी के पास नहीं है। 

हमारे भारत में किसी भी बड़े पद पर दलित नहीं 
राजन यादव ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार से पूछा जाए कि अभी तक सचिवालय, राष्ट्रपति भवन, उच्चतम न्यायालय में दलित की पोस्टिंग क्यों नहीं है। हमारे भारत में किसी भी बड़े पद पर दलित नहीं है। यहां पर कार्यालय इसलिए खोला क्योंकि यहां पर जो भी आयेगा मरने के बाद फिर चाहे वो सांसद हो या फिर विधायक। यहां सभी के आत्माओं के आह्वान के बाद उनसे अपनी मदद करने को कहूंगा। साथ ही हमने राष्ट्रपति के चुनाव में तबदीली कर आम जनता के चुनाव के बाद राष्ट्रपति घोषित करने की अपील की है। 

लोगों ने कहा अर्थी बाबा का तरीखा अनोखा, हम हैं साथ 
इस कार्यालय के अगल बगल खड़े लोगों से जब बात की गई तो उनका कहना था कि इस तरह के कार्यालय को उन्होंने पहली बार देखा है। इस तरह के प्रत्याशी का तरीका भी अनोखा है, इलसिए यह सभी के लिए आश्चर्य जनक है। अर्थी बाबा आत्माओं के जरिए चुनाव लडऩे की बात कह रहे हैं, क्योंकि बाकी सभी नेता सही नहीं हैं। सभी लोग धरना प्रदर्शन करते हैं। अलग अलग तरीका अख्तियार करते हैं लेकिन इनका तरीका अनोखा है इसलिए हम इनके साथ हैं। 

क्या कहते हैं राहगीर
राहगीर सुनील और कमलेश का कहना है कि राजन यादव ने कुछ आत्माओं को जगा कर उनकी मदद से चुनाव जीतने का दम भरा है और शमसान घाट पर कार्यालय बना कर वो राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहा है। राजन यादव पहली बार राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहा है और वो चुनाव जीतने के बाद आम जनता को भ्रष्टाचार मुक्त और गरीबी मुक्त देश देने की बात कह रहा है। फिलहाल अर्थी बाबा जीतें या हारें ये तो समय ही बताएगा, लेकिन वह अपने इस अनोखे तरीके से हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। 

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